उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के सदस्य ने गौशाला का भ्रमण कर अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक ,  गौसंरक्षण, जैविक खेती और समाज सुधार की दिशा में सभी का प्रयास आवश्यक: राजेश सिंह सेंगर

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ललितपुर। उत्तर प्रदेश सेवा आयोग के सदस्य राजेश सिंह सेंगर की अध्यक्षता में आज बुधवार को कलैक्ट्रेट सभागार में गौसंरक्षण एवं अनुश्रवण समिति के अधिकारियों व पदाधिकारियों के साथ गौवंश संरक्षण, संवर्धन की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई।

बैठक में गौसंरक्षण एवं संवर्धन, गौशालाओं को स्वावलम्बी बनाने, जैविक खेती के प्रोत्साहन, निराश्रित गौवंश की समस्याएं तथा समाज में व्याप्त नकारात्मक प्रवृतियों पर गहन विमर्श करते किया गया। श्री सेंगर ने कहा कि गौशालाएं केवल गोपालन का केन्द्र न रहकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि आधारित रोजगार का माध्यम बनें, इसके लिए उन्हें स्वावलम्बी एवं आत्मनिर्भर बनाना अत्यन्त आवश्यक है। उन्होंने सभी अधिकारियों को सुझाव दिया कि गौशालाओं से निकले वाले गोबर, गौमूत्र, गोबर के गमले, पेंट, मूर्ति एवं अन्य उत्पादों का सदुपयोग कर जैविक खाद, कीटनाशक, फिनायल एवं प्राकृतिक कृषि उत्पाद तैयार किये जा सकते हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्र में स्थानीय रोजगार को भी बल मिलेगा।

बैठक के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि निराश्रित गौवंश को सड़क पर विचरण न केलव वाहन दुर्घटनाओं का कारण बनता है, बल्कि यह एक बड़ी सामाजिक एवं प्रशासनिक चुनौती भी है,

इसके समाधान हेतु गौवंश को आश्रय स्थलों में रखे जाने, चारा, पानी की समुचित व्यवस्था और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ाने की आवश्यकता है।

राजेश सिंह सेंगर ने समाज में राष्ट्रवादी मूल्यों के क्षरण और नकारात्मकता की बड़ती प्रवृत्तियों पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि समाज को संवेदनशीलता, सेवाभाव एवं नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना की ओर अग्रसर होना समय की मांग है। उन्होंने एक प्रेरणादायी कहानी के माध्यम से समाज में नकारात्मकता को समाप्त कर सकारात्मकता फैलाने पर जोर दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि गौसेवा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक उत्थान का माध्यम है।

उन्होंने बड़ी गौशालाओं में लिफ्टर मशीन खरीदने के लिए खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिये, ताकि घायल पड़े एवं गिरे हुए गौवंशों को उठाकर उनका इलाज किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों की मांग पर गौशाला के केयरटेकर का मानदेय बढ़ाने पर विचार करने का आश्वासन दिया।

जनपद की गौशालाओं में वृक्षारोपण और गोचर भूमि पर 117 एकड़ चारे की बुआई पर प्रसन्नता जाहिर की, उन्होंने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिये कि वर्षाकाल में पशुओं में अनेकों बीमारियां फैलती हैं, इसको प्रभावी रोकथाम के लिए शत-प्रतिशत टीकाकरण कराया जाए और यदि गौवंश की मृत्यु हो जाती है तो उसे विधिवत समाधि दी जाए।

उन्होंने सुरक्षित चारागाह कारीपहाड़ी की भूमि पर वृक्षारोपण किया और गौशाला का निरीक्षण कर गौवंशों के रख-रखाव व उनके प्रबंधन की व्यवस्थाएं देखीं। उन्होंने गौमाता का पूजन कर उन्हें प्रसाद खिलाया और अधिकारियों को निर्देश दिये कि गौवंश की देखरेख में कोई कमी न रहे। गौशालाओं में पर्याप्त मात्रा में भूसा, चारा, पानी उपलब्ध रहे।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी शेषनाथ चौहान, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ0 भगवान सिंह, जिला सूचना अधिकारी डीएस दयाल, सभी खण्ड विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत महरौनी साक्षी साहू सहित सम्बंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

 

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